Thursday, 31 March 2016

स्त्री-इस्त्री

स्त्री तथा इस्त्री शब्द सिर्फ उच्चारण में ही सामान नही  है बल्कि अपने कार्य शैली में भी एक सामान है ..
स्त्री और इस्त्री दोनों अपने  भीतर की ऊर्जा को ताप में बदल कर दूसरो का कार्य आसान बनती है परंतु ताप के  अधिक बढ़ने में यही स्त्री तथा इस्त्री सामने वाले को जला कर राख भी कर सकती है ।
#Don't underestimate the power of a #स्त्री and #इस्त्री 😁😊